मध्यप्रदेश में करोड़पति सरकारी कारिंदों के भंडाफोड़ का सिलसिला जारी है। पुलिस के लोकायुक्त दस्ते ने श्रम कल्याण मंडल के एक निरीक्षक के ठिकाने पर मंगलवार को छापा मारा और उसकी बेहिसाब संपत्ति का खुलासा किया। इस संपत्ति का मौजूदा बाजार मूल्य करीब नौ करोड़ रुपये आंका जा रहा है। लोकायुक्त पुलिस के सूत्रों ने बताया कि श्रम कल्याण मंडल में बतौर निरीक्षक पदस्थ बजेन्द्र शर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार से बेहिसाब दौलत बनाने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर पराग नगर में उसके घर पर छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि छापे के दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और श्योपुर जिलों में सरकारी अफसर की बेहिसाब संपत्ति का बड़े पैमाने पर पता चला। इसमें पांच मकान, दो भूखंड, तीन एकड़ कृषि भूमि, एक महंगी कार और करीब साढ़े तीन लाख रुपये के जेवरात शामिल हैं।सूत्रों ने बताया कि छापे में पता चला कि मजदूरों के कल्याण से जुड़े विभाग में पदस्थ शर्मा ने अपने घर में ऐशो आराम का तमाम साजो सामान जुटा रखा था, जिसकी कीमत करीब साढ़े चौदह लाख रुपये है। उसके घर से 61 हजार रुपये की नकदी भी मिली है। सूत्रों ने बताया कि सरकारी अफसर ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पॉलिसियों में करीब 12 लाख रुपये का निवेश किया है, जबकि उसके बैंक खातों में कम से कम चार लाख रुपये जमा हैं।सूत्रों ने बताया कि शर्मा कोई साढ़े तीन करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति का मालिक है, जिसका मौजूदा बाजार मूल्य करीब नौ करोड़ रुपये है। यह संपत्ति उसकी आय के ज्ञात जरियों के लिहाज से कहीं ज्यादा है। उन्होंने बताया कि शर्मा करीब 15 साल पहले सरकारी सेवा में आया था और उसकी मौजूदा मासिक पगार 16,000 रुपये है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।सूत्रों ने बताया कि शर्मा के दफ्तर की तलाशी ली जा रही है। उसकी संपत्ति की विस्तृत जांच के लिये लोकायुक्त पुलिस की एक टीम भोपाल भी भेजी गयी है। वह इंदौर से पहले भोपाल, उज्जैन और देवास में पदस्थ रह चुका है।Tuesday, 17 January 2012
9 करोड़ का अफसर
मध्यप्रदेश में करोड़पति सरकारी कारिंदों के भंडाफोड़ का सिलसिला जारी है। पुलिस के लोकायुक्त दस्ते ने श्रम कल्याण मंडल के एक निरीक्षक के ठिकाने पर मंगलवार को छापा मारा और उसकी बेहिसाब संपत्ति का खुलासा किया। इस संपत्ति का मौजूदा बाजार मूल्य करीब नौ करोड़ रुपये आंका जा रहा है। लोकायुक्त पुलिस के सूत्रों ने बताया कि श्रम कल्याण मंडल में बतौर निरीक्षक पदस्थ बजेन्द्र शर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार से बेहिसाब दौलत बनाने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर पराग नगर में उसके घर पर छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि छापे के दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और श्योपुर जिलों में सरकारी अफसर की बेहिसाब संपत्ति का बड़े पैमाने पर पता चला। इसमें पांच मकान, दो भूखंड, तीन एकड़ कृषि भूमि, एक महंगी कार और करीब साढ़े तीन लाख रुपये के जेवरात शामिल हैं।सूत्रों ने बताया कि छापे में पता चला कि मजदूरों के कल्याण से जुड़े विभाग में पदस्थ शर्मा ने अपने घर में ऐशो आराम का तमाम साजो सामान जुटा रखा था, जिसकी कीमत करीब साढ़े चौदह लाख रुपये है। उसके घर से 61 हजार रुपये की नकदी भी मिली है। सूत्रों ने बताया कि सरकारी अफसर ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पॉलिसियों में करीब 12 लाख रुपये का निवेश किया है, जबकि उसके बैंक खातों में कम से कम चार लाख रुपये जमा हैं।सूत्रों ने बताया कि शर्मा कोई साढ़े तीन करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति का मालिक है, जिसका मौजूदा बाजार मूल्य करीब नौ करोड़ रुपये है। यह संपत्ति उसकी आय के ज्ञात जरियों के लिहाज से कहीं ज्यादा है। उन्होंने बताया कि शर्मा करीब 15 साल पहले सरकारी सेवा में आया था और उसकी मौजूदा मासिक पगार 16,000 रुपये है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।सूत्रों ने बताया कि शर्मा के दफ्तर की तलाशी ली जा रही है। उसकी संपत्ति की विस्तृत जांच के लिये लोकायुक्त पुलिस की एक टीम भोपाल भी भेजी गयी है। वह इंदौर से पहले भोपाल, उज्जैन और देवास में पदस्थ रह चुका है।
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