Monday, 16 January 2012

कांग्रेस के ऊपर कालिख

  
देश की जनता ने फैसला लेना शुरू करदिया है . अब सोनिया की बारी सोनिया गांधी के पोस्‍टर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने कालिख पोत दी. शुरू में कहा जा रहा था कि बाबा रामदेव के समर्थकों ने ऐसा किया है लेकिन बाबा रामदेव के प्रवक्‍ता ने इसका खंडन किया. इस बीच भगत सिंह क्रांति दल ने इस घटने की जिम्‍मेदारी ले ली है.कालिख पोतने वाले व्‍यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी व्‍यक्ति ने खुद को भगत सिंह क्रांति सेना का सदस्‍य बताया है. आरोपी ने बाबा रामदेव के समर्थक होने से इनकार किया है.इस बीच कांग्रेस के तमाम दिग्‍गज कांग्रेस मुख्‍यालय पर जुटने लगे हैं. कांग्रेस नेता हनुमंत राव ने कहा है कि इस घटना के पीछे बीजेपी एवं संघ का हाथ है. हालांकि संघ एवं बीजेपी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.दिल्‍ली में कांग्रेस मुख्‍यालय के बाहर बाबा रामदेव की तस्‍वीर को लिए कुछ लोगों ने हंगामा किया और सोनिया गांधी के पोस्‍टर पर कालिख पोत दी. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और रामदेव समर्थकों में झड़प भी हुई जिसमें तथाकथित रामदेव समर्थकों की पिटाई भी हुई.तथाकथित रामदेव समर्थकों ने दिल्‍ली के 24 अकबर रोड पर स्थिति कांग्रेस मुख्‍यालय में लगे सोनिया गांधी के पोस्‍टर पर कालिख भी पोत दी. बाबा रामदेव ने इस मामले को पूरी साजिश करार देते हुए कहा है कि उनके जिन्‍होंने भी यह काम किया है वो उनके समर्थक नहीं हैं.बाबा रामदेव के प्रवक्‍ता ने बताया कि यह पूरी तरह एक साजिश है. घटना के बाद कांग्रेस मुख्‍यालय के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. बाद में इस घटना की जिम्‍मेदारी भगत सिंह क्रांति सेना ने ली है.गौरतलब है कि शनिवार को दिल्‍ली में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद एक शख्‍स ने बाबा रामदेव के चहरे पर स्‍याही फेंक दी थी जिसके बाद वहां मौजूद रामदेव समर्थेकों ने उस शख्‍स की पिटाई कर दी थी.उस घटना के बाद कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि योगगुरु रामदेव पर काली स्याही फेंके जाने की घटना आरएसएस की साजिश थी और इस हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति कांग्रेस विरोधी है तथा उसके भाजपा से संबंध हैं.वहीं जांच में पता चला था कि बाबा रामदेव पर स्‍याही फेंकने वाले शख्‍स कामरान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे. आशंका यह भी जताई गई कि वह किसी साजिश का मोहरा भी हो सकता है. बाबा रामदेव ने भी परोक्ष रूप से कांग्रेस की तरफ ही उंगली उठाई थी.

Sunday, 15 January 2012

वनडे व टी-20 के लिए टीम इंडिया का चयन

ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज और टी-20 के लिए टीम इंडिया की घोषणा कर दी गई है. मुख्‍य चयनकर्ता के. श्रीकांत ने टीम में चुने गए खिलाडि़यों के नामों की सूची जारी की.टीम में एक ओर अनुभवी खिलाडि़यों को पहले की तरह शामिल किया गया है, दूसरी ओर युवा खिलाडि़यों का भी खास ध्‍यान रखा गया है. टीम में इरफान पठान की लंबे समय बाद वापसी हुई है.वनडे सीरीज के लिए चुने गए खिलाडि़यों के नाम इस प्रकार हैं:
महेंद्र सिंह धोनी, गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, राहुल शर्मा, पार्थिव पटेल, जहीर खान, प्रवीण कुमार, आर. विनय कुमार, मनोज तिवारी, इरफान पठान, आर. अश्विन, उमेश यादव.
टेस्‍ट में पिटने के बाद टीम इंडिया वनडे में क्‍या कमाल कर पाती है, यह तो आने वाला वक्‍त ही बताएगा.और ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया को हराना बाकी बड़ी बात होगी|

Friday, 13 January 2012

पकडे 6 करोड़ के जाली नोट

जाली नोट की खेप भेजने के लिए पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई नित नए हथकंडे अपना रही है। जाली नोटों की बड़ी खेप इस बार कपड़ों की गांठ के गत्ते में छिपाकर भेजी गई। पुलिस ने इसमें से करीब छह करोड़ रूपए डाबड़ी इलाके से जब्त कर लिए। खास बात यह है कि नोटों की गिनती के लिए सीबीआई व बैंकों के विशेषज्ञों को मशीन का सहारा लेना पड़ा। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने "पत्रिका" से बातचीत में दावा किया कि इस साल की यह सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई है। सूचना मिलने के बाद पिछले 10 दिन से स्पेशल सेल की टीम इस पर काम कर रही थी। दो टेंपो भी जब्त किए गए हैं। इनमें कपड़ों की 3 गांठें मिलीं। इन्हीं के गत्तों में जाली नोट छिपाकर लाए जा रहे थे। जाली नोट 500 और एक हजार रूपए के हैं। इनकी गुणवत्ता ऎसी है कि एकदम से पहचान करना बहुत मुश्किल है। 
उधर, पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब देशव्यापी ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि एक बडे सिंडीकेट का खुलासा हो सकता है। साथ ही और भी जाली नोट बरामद हो सकते हैं। संभवत: नेपाल के रास्ते ही यह खेप दिल्ली पहुंची है।पहले धागों की रील में आए थे नोटकरीब पांच साल पहले भी स्पेशल सेल ने जाली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी थी। तब धागों की रील के अंदर कागज के रोल की बजाय नोटों का रोल बनाया हुआ था। इस पर मशीन से धागा ऎसे चढ़ाया गया था कि रील के रोल में छिपे नोट दिखाई नहीं देते थे। तब भी आईएसआई ने यह खेप पाकिस्तान से भिजवाई थी। 

Thursday, 12 January 2012

फेसबुक-गूगल की बड़ी चिन्ता

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इंडिया और सर्च इंजन गूगल इंडिया को चेतावनी दी कि अगर वे अपने वेब पेज से आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाते हैं और उनको रोकने का तरीका अपनाने में विफल रहते हैं तो चीन की तरह वेबसाइटों को ‘अवरूद्ध’ किया जा सकता है.फेसबुक और गूगल इंडिया को चेतावनी देते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, ‘चीन की तरह हम भी ऐसे सभी वेबसाइटों को अवरूद्ध कर देंगे.’ उन्होंने इन साइटों से ‘हिंसक एवं आपत्तिजनक’ सामग्री को वेब पेज से हटाने और ऐसा करने से रोकने का तरीका विकसित करने को कहा. मजिस्ट्रेट की अदालत में इन दोनों वेबसाइट के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का न्यायमूर्ति कैत ने समर्थन नहीं किया.बहरहाल वे वकीलों की इस याचिका से सहमत थे कि निचली अदालत में वे प्रभावी सुनवाई के लिये दबाव नहीं बनाएंगे. गूगल इंडिया की ओर से उपस्थित होते हुए पूर्व अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि, ‘आपत्तिजनक, अश्लील और अपमाजनक’ लेखों एवं अन्य सामग्रियों को लगाने से ‘न तो रोका जा सकता है’ और न ही ‘उनकी निगरानी’ की जा सकती है.उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है. दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं. हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता.’रोहतगी ने गूगल इंडिया और अमेरिका की कंपनी गूगल इंक के बीच अंतर बताने की कोशिश की. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी कंपनी गूगल इंक सेवा प्रदाता है न कि गूगल इंडिया और इसलिए अपनी होल्डिंग कंपनी के काम के लिये हम जिम्मेदार नहीं हैं. यह आपराधिक मामला है इसलिए उस कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता जिसकी कोई भूमिका नहीं है.’रोहतगी ने कहा कि गूगल इंडिया सेवा प्रदाता नहीं है और यह गूगल इंक की सहायक कंपनी है और अमेरिकी की अपनी कंपनी से यह अलग है. उन्होंने कहा, ‘गूगल इंडिया, गूगल इंक की सहयोगी कंपनी है और इसकी अलग कानूनी पहचान है. यह अपनी होल्डिंग कंपनी के कार्यों एवं अपराधों के लिये जिम्मेदार नहीं है.’उन्होंने कहा कि यहां तक कि गूगल इंक को तीसरे पक्ष के कार्यों के लिये जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता जो वेबसाइट का उपयोग ‘अश्लील एवं आपत्तिजनक’ सामग्री लगाने में करते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम अरबों दिमाग को नियंत्रित नहीं कर सकते. कुछ लोग पुराने विचार के हैं, कुछ लोग उदारवादी हैं और कुछ लोग वेब पेज पर आपत्तिजनक एवं निंदनीय लेख लिखते हैं. उनको हटाने की प्रक्रिया है.’

Tuesday, 10 January 2012

अमीरों का चड़ावा

भारत के सबसे आमीर मंदिरों में से एक ,तिरुमला तिरुपति में भगवान बेंकटेश्वर पर वर्ष 2011 में 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा का चड़ावा आया |इस दौरान वीआईपी समेत कुल 2.2 करोड़ श्रद्धालू तिरुपति में दर्शन के लिए आये|करीव 2000 साल पुराने इस मंदिर के अधिकारिओं के मुताबिक  मंदिर की हुंडी में 1100 करोड़ रुपये का चड़ावा चड़ा इसके आलावा कई अन्य श्रधालुओं ने हीरे ,सोने ,चंडी के आभूषण चढाये|जहां एक और हमारा देश की जनता गरीबी और भूखमरी से जूझ रही है बही दूसरी और देश के धनवान व्याक्ति भगवान को प्रसन्न करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये का चड़ावा चड़ा देते हैं| मगर वो लोग ये क्यूं नहीं सोचते कि ये पैसा अगर वो किसी गरीव कि सहायता में लगा दे तो उसकी जिन्दगी में भी खुशहाली रूपी नया प्रकाश आ जाये|         

Friday, 6 January 2012

उत्तराखंड में कांग्रेस ने खोले अपने पत्ते

कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 64 प्रत्याशियों की सूची आज जारी कर दी। सूची इस प्रकार है..
1. पुरोला....(सुरक्षित) राजेश जुवांथा 
2. यमुनोत्री....केदार सिंह रावत
3. गंगोत्री....विजयपाल सिंह साजवां
4. बदरीनाथ..... राजेंद्र भंडारी
5. थराली.....(सुरक्षित) जीतराम
6.कर्णप्रयाग....अनुसूया प्रसाद मैखूरी
7. केदारनाथ....सुश्री शैला रानी रावत
8. रूद्रप्रयाग.... हरक सिंह रावत
9. घनशाली....सुरक्षित.धनीलाल शाह.
10. देवप्रयाग....शूरवीर सिंह सादवां
11. नरेंद्र नगर... सुबोध उनियाल
12.प्रताप नगर....विक्रम सिंह नेगी
13. टिहरी.. ..किशोर उपाध्याय
14. धनोलल्टी.. ..मनमोहन सिंह मल्ल
15.चकराता...सुरक्षित.प्रीतम सिंह.
16.विकास नगर...नवप्रभात
17. धरमपुर ....दिनेश अग्रवाल
18.रायपुर....उमेश शर्मा
19. राजपुर रोड..(सुरक्षित) राजकुमार
20. ऋषिकेश ...राजपाल सिंह खरोला
21.हरिद्वार ......सतपाल ब्रह्मचारी 
22. बीएचईएच.रानीपुर...बलवंत सिंह चौहान 
23. ज्वालापुर...सुरक्षित.सुश्री बृजरानी
24.भगवानपुर...सुरक्षित.सत्यपाल सिंह
25. झाबरेरा..सुरक्षित.राजपाल सिंह.
26. पीरानकलियार...फुरकान अहमद
27. रूडकी..प्रदीप बत्रा
28. खानपुर...कुंवर प्रणव सिंह
29. मंगलोर. ..काजी मोहम्मद निजामुद्दीन 
30. लकसर...रामसिंह सैनी
31. हरिद्वार.ग्रामीण..इरशाद अली
32.यमकेश्वर..सुश्री सरोजिनी कैथूरा
33.पौडी...सुरक्षित. सुंदर लाल मंडरावल
34. श्रीनगर... गणेश गोदियाल
35. चौबट्टाखाल. ..राजपाल सिंह बिष्ट
36. लैंसडाउन....सुश्री ज्योति रौतेला 
37. कोटद्वार...सुरेंद्र सिंह नेगी
38. धारचूला....हरीश धामी
39. डीडीहाट...श्रीमती रेवती जोशी
40. पिथौरागढ..मयूख सिंह महरा
41. गंगोलीहाट...सुरक्षित.नारायणराम आरे
42.कपकोट. ....ललित फर्सवान
43. बागेश्वर.....सुरक्षित.रामप्रसाद टम्टा. 
44. द्वाराहाट.....मदन सिंह बिष्ट
45. सल्ट......रंजीत सिंह रावत
46. रानीखेत....करण मेहरा
47. सोमेश्वर...सुरक्षित. राजेंद्र बाराकोटी. 
48. अल्मोडा...मनोज तिवारी
49. जागेश्वर...गोविंद सिंह कुंजवाल
50. लोहाघाट. ..महेंद्र सिंह महरा
51. चंपावत....हिमेश खर्कवाल
52. लालकुंआ...हरेंद्र बोरा
53. भीमताल....रामसिंह केडा
54. नैनीताल. ...सुरक्षित.सुश्री सरिता आर्य 
55. हल्द्वानी....सुश्री इंदिरा हरिदेश 
56. कालाडूगी...प्रकाश जोशी
57. रामनगर....श्रीमती अमृता नागर
58. जसपुर....डां.शैलेंद्र मोहन सिघल
59. काशीपुर...मनोज जोशी
60. बाजपुर....सुरक्षित.यशपाल आर्य
61. रूद्रपुर..तिलकराज बेहड
62. सितारगंज...सुरेश गंगवार
63. नानकमता...सुरक्षित.गोपाल सिंह राणा
64. खटीमा.....देवेंद्रचंद्र        

मायाबती पर भड़के कपिल सिब्बल

 सभी पार्टियों के नेता इस बक्त विपक्ष पर निशाना साध कर अपना उल्लू सीधा karke जनता को लुभाने की कोशिश कर कर रहे है| मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि उन्हें पूरे पांच साल तक अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार की खबर ही नहीं लगी। सिब्बल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, यह आश्चर्य की बात है कि सारे देश को बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की बात मालूम थी ,मगर मुख्यमंत्री मायावती को पांच साल तक उसकी जानकारी नहीं थी और जब चुनाव घोषित हो गये तो अचानक उन्हें सारी जानकारी हो गयी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मायावती अब तक 12 मंत्रियों को हटा चुकी हैं और इस रफ्तार को देखते हुए लगता है कि चुनाव होने तक बाकी के मंत्री भी भ्रष्ट सिद्ध हो जायेंगे और वे मंत्रिपरिषद में अकेली ही रह जायेंगी। मायावती सरकार को अब तक प्रदेश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार देते हुए सिब्बल ने कहा कि विगत 20 सालों से उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक भ्रष्ट सरकारें बनी हैं और जनता भ्रष्टाचार से ऊब गयी है।उन्होंने कहा कि मायावती ने प्रदेश के एक तिहाई बजट को अपनी मूर्तियों, पार्कों और स्मारकों पर खर्च कर दिये और 12 करोड़ रूपये अपने आवास पर खर्च कर डाले और जब सूखाग्रस्त बुन्देलखंड के लोगों को पैसे की जरूरत थी, तब सारा पैसा मूर्तियों और पार्कों पर खर्च किया जा रहा था।