Monday, 19 March 2012

सरकार बदलते ही अफसरों के तबादले शुरू

उत्तर प्रदेश में नवसत्तारूढ अखिलेश यादव सरकार ने देर रात किये एक बडे प्रशासनिक फेरबदल में नोएडा के अध्यक्ष मोहिन्दर सिंह और 15 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 30 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिये है जिनमें अभी एक दिन पहले मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाए गये अधिकारियों की नियुक्तियां भी शामिल हैं.
नियुक्ति विभाग से देर रात जारी विज्ञप्ति के अनुसार नोएडा के साथ ही उत्तर प्रदेश निर्यात निगम यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं निवेश आयुक्त के पद पर तैनात रहे मोहिन्दर सिंह को उनके पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है जबकि ग्राम विकास विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात रहे अनुराग यादव को लखनऊ का नया जिलाधिकारी तैनात किया गया है.
अनुराग यादव अनिल कुमार सागर की जगह लेंगे जिन्हें विकलांग कल्याण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी गयी है.
स्थानान्तरित जिलाधिकारियों में कानपुर के जिलाधिकारी डा0 हरीओम को ग्राम विकास विभाग के अपर आयुक्त के पद पर भेजा गया है जबकि फैजाबाद के जिलाधिकारी ए.पी. अग्रवाल को कानपुर नगर का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
छत्रपति शाहूजी महाराज (अमेठी) के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को फैजाबाद का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि बुलन्दशहर की जिलाधिकारी रहीं कामिनी रतन को प्रताप का जिलाधिकारी बनाया गया है.
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी नवदीप रिन्वा को बुलन्दशहर का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि गौतमबुद्व नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी दयेश कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव के पद पर भेज दिया गया है.
सीतापुर की जिलाधिकारी अमृता सोनी को बागपत का जिलाधिकारी बना दिया गया है जहां वे प्रभू नारायण सिंह की जगह लेंगी जिन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है.
उन्नाव के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार द्विवेदी को सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव बना दिया गया है जबकि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में विशेष सचिव रही अनामिका सिंह को उन्नाव का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
कुशीनगर के जिलाधिकारी ए.के.बर्नवाल को शाहजहांपुर का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि मेरठ के जिलाधिकारी अनिल कुमार तृतीय को कुशीनगर के जिलाधिकारी के पद पर भेजा गया है. बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोठलवाल को मेरठ का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नियुक्ति विभाग में विशेष सचिव रहीं एस.मिनिस्ती को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है.
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी पंकज कुमार नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में डाल दिये गये हैं जबकि उनकी जगह पर जौनपुर के जिलाधिकारी गौरव दयाल को तैनात कर दिया गया है. रामपुर के जिलाधिकारी डा0 बलकार सिंह को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है.
अन्य प्रमुख तबादलों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के पद पर तैनात रहे बी.एन. गर्ग को मान्यवर कांशीराम समग्र विकास योजना एवं विकलांग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर भेज दिया गया है.

सरकार बदलते ही अफसरों के तबादले शुरू

उत्तर प्रदेश में नवसत्तारूढ अखिलेश यादव सरकार ने देर रात किये एक बडे प्रशासनिक फेरबदल में नोएडा के अध्यक्ष मोहिन्दर सिंह और 15 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 30 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिये है जिनमें अभी एक दिन पहले मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाए गये अधिकारियों की नियुक्तियां भी शामिल हैं.
नियुक्ति विभाग से देर रात जारी विज्ञप्ति के अनुसार नोएडा के साथ ही उत्तर प्रदेश निर्यात निगम यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं निवेश आयुक्त के पद पर तैनात रहे मोहिन्दर सिंह को उनके पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है जबकि ग्राम विकास विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात रहे अनुराग यादव को लखनऊ का नया जिलाधिकारी तैनात किया गया है.
अनुराग यादव अनिल कुमार सागर की जगह लेंगे जिन्हें विकलांग कल्याण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी गयी है.
स्थानान्तरित जिलाधिकारियों में कानपुर के जिलाधिकारी डा0 हरीओम को ग्राम विकास विभाग के अपर आयुक्त के पद पर भेजा गया है जबकि फैजाबाद के जिलाधिकारी ए.पी. अग्रवाल को कानपुर नगर का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
छत्रपति शाहूजी महाराज (अमेठी) के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को फैजाबाद का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि बुलन्दशहर की जिलाधिकारी रहीं कामिनी रतन को प्रताप का जिलाधिकारी बनाया गया है.
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी नवदीप रिन्वा को बुलन्दशहर का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि गौतमबुद्व नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी दयेश कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव के पद पर भेज दिया गया है.
सीतापुर की जिलाधिकारी अमृता सोनी को बागपत का जिलाधिकारी बना दिया गया है जहां वे प्रभू नारायण सिंह की जगह लेंगी जिन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है.
उन्नाव के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार द्विवेदी को सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव बना दिया गया है जबकि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में विशेष सचिव रही अनामिका सिंह को उन्नाव का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
कुशीनगर के जिलाधिकारी ए.के.बर्नवाल को शाहजहांपुर का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि मेरठ के जिलाधिकारी अनिल कुमार तृतीय को कुशीनगर के जिलाधिकारी के पद पर भेजा गया है. बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोठलवाल को मेरठ का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नियुक्ति विभाग में विशेष सचिव रहीं एस.मिनिस्ती को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है.
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी पंकज कुमार नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में डाल दिये गये हैं जबकि उनकी जगह पर जौनपुर के जिलाधिकारी गौरव दयाल को तैनात कर दिया गया है. रामपुर के जिलाधिकारी डा0 बलकार सिंह को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है.
अन्य प्रमुख तबादलों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के पद पर तैनात रहे बी.एन. गर्ग को मान्यवर कांशीराम समग्र विकास योजना एवं विकलांग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर भेज दिया गया है.

सरकार बदलते ही अफसरों के तबादले शुरू

उत्तर प्रदेश में नवसत्तारूढ अखिलेश यादव सरकार ने देर रात किये एक बडे प्रशासनिक फेरबदल में नोएडा के अध्यक्ष मोहिन्दर सिंह और 15 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 30 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिये है जिनमें अभी एक दिन पहले मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाए गये अधिकारियों की नियुक्तियां भी शामिल हैं.
नियुक्ति विभाग से देर रात जारी विज्ञप्ति के अनुसार नोएडा के साथ ही उत्तर प्रदेश निर्यात निगम यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं निवेश आयुक्त के पद पर तैनात रहे मोहिन्दर सिंह को उनके पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है जबकि ग्राम विकास विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात रहे अनुराग यादव को लखनऊ का नया जिलाधिकारी तैनात किया गया है.
अनुराग यादव अनिल कुमार सागर की जगह लेंगे जिन्हें विकलांग कल्याण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी गयी है.
स्थानान्तरित जिलाधिकारियों में कानपुर के जिलाधिकारी डा0 हरीओम को ग्राम विकास विभाग के अपर आयुक्त के पद पर भेजा गया है जबकि फैजाबाद के जिलाधिकारी ए.पी. अग्रवाल को कानपुर नगर का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
छत्रपति शाहूजी महाराज (अमेठी) के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को फैजाबाद का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि बुलन्दशहर की जिलाधिकारी रहीं कामिनी रतन को प्रताप का जिलाधिकारी बनाया गया है.
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी नवदीप रिन्वा को बुलन्दशहर का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि गौतमबुद्व नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी दयेश कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव के पद पर भेज दिया गया है.
सीतापुर की जिलाधिकारी अमृता सोनी को बागपत का जिलाधिकारी बना दिया गया है जहां वे प्रभू नारायण सिंह की जगह लेंगी जिन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है.
उन्नाव के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार द्विवेदी को सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव बना दिया गया है जबकि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में विशेष सचिव रही अनामिका सिंह को उन्नाव का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
कुशीनगर के जिलाधिकारी ए.के.बर्नवाल को शाहजहांपुर का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि मेरठ के जिलाधिकारी अनिल कुमार तृतीय को कुशीनगर के जिलाधिकारी के पद पर भेजा गया है. बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोठलवाल को मेरठ का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नियुक्ति विभाग में विशेष सचिव रहीं एस.मिनिस्ती को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है.
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी पंकज कुमार नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में डाल दिये गये हैं जबकि उनकी जगह पर जौनपुर के जिलाधिकारी गौरव दयाल को तैनात कर दिया गया है. रामपुर के जिलाधिकारी डा0 बलकार सिंह को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है.
अन्य प्रमुख तबादलों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के पद पर तैनात रहे बी.एन. गर्ग को मान्यवर कांशीराम समग्र विकास योजना एवं विकलांग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर भेज दिया गया है.

सरकार बदलते ही अफसरों के तबादले शुरू

उत्तर प्रदेश में नवसत्तारूढ अखिलेश यादव सरकार ने देर रात किये एक बडे प्रशासनिक फेरबदल में नोएडा के अध्यक्ष मोहिन्दर सिंह और 15 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 30 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिये है जिनमें अभी एक दिन पहले मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाए गये अधिकारियों की नियुक्तियां भी शामिल हैं.
नियुक्ति विभाग से देर रात जारी विज्ञप्ति के अनुसार नोएडा के साथ ही उत्तर प्रदेश निर्यात निगम यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं निवेश आयुक्त के पद पर तैनात रहे मोहिन्दर सिंह को उनके पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है जबकि ग्राम विकास विभाग में अपर आयुक्त के पद पर तैनात रहे अनुराग यादव को लखनऊ का नया जिलाधिकारी तैनात किया गया है.
अनुराग यादव अनिल कुमार सागर की जगह लेंगे जिन्हें विकलांग कल्याण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी गयी है.
स्थानान्तरित जिलाधिकारियों में कानपुर के जिलाधिकारी डा0 हरीओम को ग्राम विकास विभाग के अपर आयुक्त के पद पर भेजा गया है जबकि फैजाबाद के जिलाधिकारी ए.पी. अग्रवाल को कानपुर नगर का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
छत्रपति शाहूजी महाराज (अमेठी) के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को फैजाबाद का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि बुलन्दशहर की जिलाधिकारी रहीं कामिनी रतन को प्रताप का जिलाधिकारी बनाया गया है.
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी नवदीप रिन्वा को बुलन्दशहर का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि गौतमबुद्व नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी दयेश कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव के पद पर भेज दिया गया है.
सीतापुर की जिलाधिकारी अमृता सोनी को बागपत का जिलाधिकारी बना दिया गया है जहां वे प्रभू नारायण सिंह की जगह लेंगी जिन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है.
उन्नाव के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार द्विवेदी को सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव बना दिया गया है जबकि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में विशेष सचिव रही अनामिका सिंह को उन्नाव का जिलाधिकारी बना दिया गया है.
कुशीनगर के जिलाधिकारी ए.के.बर्नवाल को शाहजहांपुर का जिलाधिकारी बना दिया गया है जबकि मेरठ के जिलाधिकारी अनिल कुमार तृतीय को कुशीनगर के जिलाधिकारी के पद पर भेजा गया है. बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोठलवाल को मेरठ का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नियुक्ति विभाग में विशेष सचिव रहीं एस.मिनिस्ती को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है.
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी पंकज कुमार नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में डाल दिये गये हैं जबकि उनकी जगह पर जौनपुर के जिलाधिकारी गौरव दयाल को तैनात कर दिया गया है. रामपुर के जिलाधिकारी डा0 बलकार सिंह को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है.
अन्य प्रमुख तबादलों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के पद पर तैनात रहे बी.एन. गर्ग को मान्यवर कांशीराम समग्र विकास योजना एवं विकलांग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर भेज दिया गया है.

Thursday, 9 February 2012

पीएम बन सकते हैं, मोदी


नरेन्द्र मोदीबीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में शामिल रहेंगे.गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी में हुए हत्याकांड के बारे में विशेष जांच दल की रिपोर्ट अहमदाबाद की एक अदालत में रखे जाने के कुछ देर बाद गडकरी ने यह बात कही. गडकरी ने कहा, ‘नरेन्द्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में एकदम शामिल हैं. अगर मोदी को क्लीन चिट (गुजरात दंगों के संदर्भ में) मिल जाती है तो इससे हमारी ही बात की पुष्टि होगी जो हम शुरू से कहते आ रहे हैं.’बीजेपी अध्यक्ष पहले भी मोदी को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में गिनाते आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात दंगों की जांच को लेकर केन्द्र ने सीबीआई का दुरूपयोग किया है. उन्होंने कहा कि कम से कम अब तो गुजरात सरकार को बदनाम करने की मुहिम बंद होनी चाहिए.उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों की विधानसभाओं के लिए हो रहे चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से अभी तक मोदी के प्रचार मैदान से दूर रहने के संबंध में हालांकि पार्टी अध्यक्ष ने कुछ कहने से इनकार कर दिया.कहा जाता है कि मोदी अपने कट्टर विरोधी संजय जोशी को उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार का प्रभारी बनाए जाने से सख्त नाराज हैं. उधर बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने विशेष जांच दल के रिपोर्ट पेश किये जाने के समय पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि एक तो उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहे हैं, दूसरे अदालत में पेश सीलबंद रिपोर्ट के बारे में कांग्रेस नेता टिप्पणी कैसे कर सकते हैं.उन्होंने कहा, ‘एक राजनीतिक दल के रूप में हम इस रिपोर्ट को पेश किये जाने के समय को लेकर काफी चिंतित हैं. विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश के चुनाव के आलोक में, जिसकी प्रक्रिया अभी जारी है. हमें चिंता है कि कहीं इससे कोई अनावश्यक तनाव न फैल जाए.’ निर्मला ने कहा कि रिपोर्ट देखे बिना कांग्रेस नेता गुजरात सरकार के कामकाज पर टिप्पणी के लिए तैयार हैं. इससे पता चलता है कि वे जनता का विश्वास जीते बिना किसी भी कीमत पर गुजरात में सत्ता में आना चाहते हैं.उन्होंने कहा कि बीजेपी ने रिपोर्ट नहीं देखी है और उसे नहीं पता कि सीलबंद रिपोर्ट के बारे में अन्य लोग कैसे बोल रहे हैं. ‘मुझे नहीं पता कि रिपोर्ट की प्रतियां कौन हासिल कर रहा है और प्रतियां कैसे लीक हो रही हैं.’ निर्मला ने सरकार से उन मीडिया खबरों पर भी स्पष्टीकरण मांगा, जिनमें कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का सामना कर रहे द्रमुक के दयानिधि मारन और वित्त मंत्री के बीच बैठक हुई है. ‘मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्रालय इस बारे में स्पष्टीकरण देगा कि बैठक में क्या हुआ।


 

Tuesday, 7 February 2012

16 मार्च को आयेगा नया बजट

भारत की संसद
देश की अर्थव्यवस्था को दशा-दिशा देने वाला आम बजट व रेल बजट को पेश करने की तारीखें तय हो गई हैं.
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी वित्त वर्ष 2012-13 का आम बजट 16 मार्च को लोकसभा में पेश करेंगे. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के 12 मार्च को संसद के दोनों सदनों को संबोधन के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी. रेल बजट 14 मार्च को पेश होगा और 15 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा.
संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘हम राष्ट्रपति से यह सिफारिश करने जा रहे हैं कि बजट सत्र 12 मार्च को बुलाया जाए और यह 30 मार्च तक चले. राष्ट्रपति का संबोधन 12 मार्च को होगा, रेल बजट 14 मार्च को और केंद्रीय बजट 16 मार्च को पेश होगा.
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद बंसल ने संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बजट सत्र का दूसरा हिस्सा 24 अप्रैल से 22 मई तक होगा.
बजट सत्र की शुरुआत आमतौर पर फरवरी के तीसरे सप्ताह से होती है. लेकिन इस साल उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बजट देर से पेश किया जाएगा. आदर्श आचार संहिता 9 मार्च तक लागू रहेगी.



Saturday, 4 February 2012

अभी संतुष्ट नहीं आडवाणी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति संकल्प दोहराते हुए कहा है कि उनके जीवन में ‘समाधान’ तब तक नहीं हो सकता जब तक ‘रामनगरी’ में भव्य मंदिर की स्थापना नहीं हो जाती.आडवाणी ने अयोध्या में आयोजित जनसभा में कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सोमनाथ मंदिर की तरह अयोध्या में भी मंदिर के निर्माण के लिये पहल करनी चाहिये थी. उन्होंने कहा, ‘मेरे राजनीतिक जीवन में तब तक समाधान नहीं हो सकता जब तक जिस स्थान पर भगवान राम की मूर्ति स्थापित है, वहां एक भव्य मंदिर नहीं बन जाता. मुझे विश्वास है कि देश में हर राम भक्त चाहेगा कि वह दिन जल्द से जल्द आए कि जिस जगह रामलला विराजमान हैं, वहां मंदिर बन जाए. राम मंदिर निर्माण नहीं हो जाने तक हमारी कोशिशें जारी रहेंगी.’ आडवाणी ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के सम्बन्धित तीनों न्यायाधीशों ने अपने निर्णय में माना है कि अयोध्या में जिस जगह रामलला विराजमान हैं वही रामजन्म स्थल है.उन्होंने कहा कि केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपानीत सरकार के कार्यकाल में अयोध्या विवाद के तीन समाधान दिखाई पड़ते थे, पहला, केन्द्र में भाजपा की सरकार हो और इस बात का निर्णय संसद से कराया जाए. दूसरा, अदालत निर्णय करे और तीसरा, हिन्दू-मुस्लिम नेता मिल बैठकर फैसला करें.आडवाणी ने कहा कि हिन्दू मुस्लिम बैठकर विवाद का फैसला करें, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. उम्मीद है कि दूसरा और तीसरा समाधान मिलाकर काम हो जाएगा. बिना किसी टकराव और कटुता के यह काम होगा. दुनिया के राम भक्त देखेंगे कि राम मंदिर वहीं बनेगा, जहां उनकी मूर्ति है. वह इसी आशा के साथ यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि ‘सोमनाथ’ तथा ‘पिलग्रिमेज टू फ्रीडम’ पुस्तकें पढ़ने के बाद उन्हें मालूम हुआ कि राम मंदिर निर्माण को लेकर जिस तरह की समस्या पैदा हुई, ऐसी ही समस्या पंडित जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल में सोमनाथ के मंदिर को लेकर भी उत्पन्न हुई थी.आडवाणी ने कहा, ‘मुझे पता लगा कि आक्रमणकारियों ने सोमनाथ का जो मंदिर ध्वस्त किया था उसे फिर से बनाए जाने का निर्णय केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने किया था, जिसकी अध्यक्षता पंडित नेहरू ने की थी और उस बैठक में मौलाना मौजूद थे. साथ ही सरदार पटेल तथा के. मुंशी उस प्रस्ताव को रखने वाले अग्रणी लोगों में से थे.’उन्होंने कहा, ‘हिमाचल प्रदेश में जनसंघ की एक बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया था. हमारा मानना था कि जैसा रवैया उस वक्त पंडित नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के बारे में अपनाया था. वहीं रुख तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को अयोध्या के मामले में भी अपनाना चाहिये था.’आडवाणी ने कहा कि राम मंदिर के लिये निकाली गयी रथयात्रा ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया. उन्होंने कहा, ‘आडवाणी ने अयोध्या के लिये कुछ नहीं किया. अयोध्या ने मेरे लिये बहुत कुछ किया. अयोध्या ने मुझे सांस्कृतिक राष्ट्रधर्म सिखाया. किसी भी विषय पर देश को जाग्रत करने के लिये रथयात्रा से बेहतर कोई रास्ता नहीं हो सकता.’आडवाणी ने विदेशी बैंकों में जमा कालेधन को भारत वापस लाने पर जोर देते हुए कहा कि अगर सरकार तथा नेता मिलकर रिश्वत ना लेने और ना ही देने एवं कालेधन को वापस लाकर गांवों का विकास करने का संकल्प लें तो देश की गरीबी मिट जाएगी. उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों में मुल्क का 25 लाख करोड़ रुपया रखा है.अगर यह देश में आ जाए तो देश का पूरा नक्शा बदला जा सकता है. उच्चतम न्यायालय द्वारा सेना प्रमुख उम्र विवाद तथा 2जी मामले में केन्द्र सरकार को झटके दिये जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि यह सम्भवत: पहली ऐसी सरकार है, जिसे लगभग हर दिन न्यायालय की डांट सुननी पड़ती है. उन्होंने केन्द्र सरकार की नाकामियां गिनाते हुए कहा कि घोटालों के कारण दुनिया में हमारी इतनी बदनामी हुई है. इतने घोटाले हुए कि महंगाई चरम पर पहुंचे गयी. वाजपेयी सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण रखा था.आडवाणी ने कहा कि केन्द्र में भाजपा के शासनकाल में कच्छ में भूकम्प और पोखरण परमाणु परीक्षण के कारण अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद महंगाई नहीं बढ़ने दी. यह स्थिति आज इसलिये नहीं हो सकती क्योंकि सरकार भ्रष्टाचार को रोक नहीं पा रही है. मंत्री जेल जा रहे हैं.